हिंदी कहानी: उद्भव, विकास, प्रमुख कहानीकार और आंदोलन (20वीं सदी)

 



हिंदी कहानी का सफर: उद्भव, विकास और प्रमुख आंदोलन

हिंदी साहित्य में कहानी आज सबसे सशक्त और लोकप्रिय विधा बनकर उभरी है। पिछले 100 वर्षों में हिंदी कहानी ने जो प्रगति की है, वह न केवल उत्साहवर्धक है, बल्कि इसमें युगबोध की क्षमता भी सर्वाधिक दिखाई देती है।


1. हिंदी कहानी का उद्भव और 'पहली कहानी' का विवाद

हिंदी कहानी का विकास आधुनिक काल में गद्य की अन्य विधाओं के साथ हुआ। आधुनिक कहानी का स्वरूप प्राचीन कथाओं (जैसे जातक या पंचतंत्र) से न जुड़कर अंग्रेजी की 'शॉर्ट स्टोरी' के प्रभाव से विकसित हुआ माना जाता है।

हिंदी की 'पहली मौलिक कहानी' को लेकर विद्वानों में गहरा मतभेद है:

रानी केतकी की कहानी (1803): 

इंशा अल्लाह खाँ। इसमें कहानी-कला के तत्वों का अभाव माना जाता है।

इंदुमती (1900): 

किशोरीलाल गोस्वामी। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने इसे पहली मौलिक कहानी माना, परंतु आलोचक इसे शेक्सपियर के 'टेंपेस्ट' का अनुवाद या छाया मानते हैं।

एक टोकरी भर मिट्टी (1901): 

माधवराव सप्रे। नवीन अनुसंधानों के अनुसार, इसे ही हिंदी की पहली मौलिक कहानी मानना सबसे सटीक है।


अन्य:

 'ग्यारह वर्ष का समय' (शुक्ल) और 'दुलाईवाली' (बंग महिला) भी इस श्रेणी में चर्चित रही हैं।


2. विकास यात्रा के प्रमुख पड़ाव

हिंदी कहानी के विकास को मुंशी प्रेमचंद को केंद्र में रखकर विभाजित किया जाता है:



क. प्रेमचंद पूर्व युग (1900-1915)

यह कहानी का 'शैशवावस्था' काल था, जिसमें मनोरंजन और उपदेश की प्रधानता थी। इसी दौर में चंद्रधर शर्मा गुलेरी ने 'उसने कहा था' (1915) लिखकर शिल्प और संवेदना के स्तर पर इतिहास रच दिया।

ख. प्रेमचंद युग (1916-1936)

इस युग में कहानी सामाजिक यथार्थ और आदर्शवादिता से जुड़ी।


प्रेमचंद: 

इन्हें 'कहानी सम्राट' कहा जाता है। उन्होंने 'पंच परमेश्वर' से 'कफन' तक की यात्रा में लगभग 300 कहानियाँ लिखीं, जो 'मानसरोवर' के 8 खंडों में संकलित हैं।


जयशंकर प्रसाद: 

प्रसाद जी मानवीय मन के चितेरे थे। उन्होंने 'ग्राम', 'आकाशदीप' और 'पुरस्कार' जैसी कहानियों में प्रेम और दर्शन का अद्भुत मेल प्रस्तुत किया।


ग. प्रेमचंदोत्तर युग (1936-1950)

यहाँ से कहानी मनोविज्ञान और मार्क्सवाद की ओर मुड़ी।


मनोवैज्ञानिक धारा: 

जैनेंद्र (फाँसी, पाजेब), अज्ञेय (रोज/गैंग्रीन) और इलाचंद्र जोशी ने पात्रों के अंतर्मन और अस्तित्वगत प्रश्नों को केंद्र में रखा।


मार्क्सवादी धारा: 

यशपाल (पर्दा) ने वर्ग-संघर्ष और सामाजिक विसंगतियों का चित्रण किया।


3. 20वीं सदी के प्रमुख कहानी आंदोलन

1950 के बाद हिंदी कहानी में आंदोलनों की बाढ़ सी आ गई, जिसने कहानी का चेहरा बदल दिया:


नई कहानी आंदोलन (1956-57): 

इसके प्रवर्तक मोहन राकेश, कमलेश्वर और राजेंद्र यादव (त्रयी) थे। इसकी मुख्य विशेषता 'अनुभूति की प्रामाणिकता' और आधुनिक जीवन का अलगाव थी। निर्मल वर्मा की कहानी 'परिंदे' (1959) को अक्सर पहली नई कहानी कहा जाता है।


अकहानी (1960):

 गंगाप्रसाद विमल इसके मुख्य चेहरा थे। यह आंदोलन पारंपरिक मूल्यों और शिल्प का विरोध करता था।


सचेतन कहानी (1964): 

डॉ. महीप सिंह के नेतृत्व में यह सक्रियता और सचेत चेतना का आंदोलन बना।


समांतर कहानी (1974): 

कमलेश्वर ने 'सारिका' के माध्यम से इसे आम आदमी के जीवन और संघर्षों के समांतर खड़ा किया।


जनवादी कहानी (1977):

 यह मार्क्सवादी विचारधारा के तहत शोषित वर्ग की समस्याओं पर केंद्रित रहा।


4. 21वीं सदी की ओर

आलोचक विनोद शाही के अनुसार, आज हम 'अच्छी कहानी' से आगे बढ़कर 'बड़ी कहानी' की तलाश में हैं, जो युगबोध के आख्यान की शक्ल ले सके। समकालीन कहानियों में इतिहास, स्वप्न, प्रकृति और मानवीय अस्तित्व के जटिल अंतर्संबंधों का विस्तार हुआ है।


निष्कर्ष: 

मनोरंजन से शुरू होकर मनोवैज्ञानिक गहराई और सामाजिक यथार्थ तक का सफर तय करने वाली हिंदी कहानी आज वैश्विक साहित्य के समकक्ष खड़ी है। 




यूजीसी नेट की तैयारी के लिए इन कालखंडों और आंदोलनों के प्रवर्तकों का ज्ञान अनिवार्य है।

फ्री पीडीएफ डाउनलोड करें

 https://drive.google.com/file/d/1rBerm3NrgI0d4ZUIp0KzIhKp0NSY63Pb/view?usp=drivesdk

MCQ 

यूजीसी नेट हिंदी: कहानी विधा पर आधारित अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1. कालक्रम के अनुसार हिंदी की प्रारंभिक कहानियों का सही अनुक्रम क्या है? 

(A) इंदुमती, एक टोकरी भर मिट्टी, ग्यारह वर्ष का समय, दुलाईवाली

 (B) एक टोकरी भर मिट्टी, इंदुमती, दुलाईवाली, ग्यारह वर्ष का समय 

(C) रानी केतकी की कहानी, राजा भोज का सपना, इंदुमती, उसने कहा था 

(D) दुलाईवाली, ग्यारह वर्ष का समय, एक टोकरी भर मिट्टी, इंदुमती 

उत्तर: (A)


प्रश्न 2. स्थापना (A) और तर्क (R) पर आधारित प्रश्न: स्थापना (A): आधुनिक शोधों के अनुसार 'एक टोकरी भर मिट्टी' (1901) को हिंदी की पहली मौलिक कहानी माना जाना अधिक समीचीन है।

 तर्क (R): क्योंकि 'इंदुमती' पर शेक्सपियर के नाटक 'टेंपेस्ट' की छाया मानी जाती है, इसलिए इसकी मौलिकता संदिग्ध है।

 (A) (A) सही है, (R) गलत है। 

(B) (A) गलत है, (R) सही है। 

(C) (A) और (R) दोनों सही हैं। 

(D) (A) और (R) दोनों गलत हैं। 

उत्तर: ©


प्रश्न 3. निम्नलिखित कहानी आंदोलनों और उनके प्रवर्तकों का सही मिलान कीजिए: सूची-I (आंदोलन) सूची-II (प्रवर्तक) 

 (a) नई कहानी (i) महीप सिंह 

(b) समांतर कहानी (ii) गंगा प्रसाद विमल 

 (c) सचेतन कहानी (iii) कमलेश्वर 

 (d) अकहानी (iv) मोहन राकेश, कमलेश्वर, राजेंद्र यादव 

कूट: (A) a-iv, b-iii, c-i, d-ii

 (B) a-iii, b-iv, c-ii, d-i 

(C) a-iv, b-ii, c-iii, d-i 

(D) a-i, b-iii, c-iv, d-ii

 उत्तर: (A)


प्रश्न 4. 'नई कहानी' आंदोलन की 'त्रयी' में कौन-सा रचनाकार शामिल नहीं है? 

(A) मोहन राकेश 

(B) कमलेश्वर 

(C) निर्मल वर्मा

 (D) राजेंद्र यादव 

उत्तर: (C) (नोट: निर्मल वर्मा की कहानी 'परिंदे' को पहली नई कहानी माना जाता है, लेकिन वे त्रयी में शामिल नहीं हैं)


प्रश्न 5. अज्ञेय की कहानियों के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है? 

(A) अज्ञेय की पहली कहानी 'जिज्ञासा' 1929 में लिखी गई थी।

 (B) इनकी कहानियों में व्यक्ति सत्य और मनोवैज्ञानिकता का गहरा पुट है।

 (C) 'रोज' (गैंग्रीन) इनकी एक प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कहानी है।

 (D) उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं। 

उत्तर: (D)


प्रश्न 6. जयशंकर प्रसाद की कहानियों के विषय में गलत कथन चुनिए: 

(A) प्रसाद की पहली कहानी 'ग्राम' 1912 में 'इन्दु' पत्रिका में प्रकाशित हुई थी।

 (B) उनकी कहानियाँ केवल ऐतिहासिक और काल्पनिक विषयों तक सीमित हैं।

 (C) प्रसाद ने हिंदी कहानी को आंतरिक संघर्ष और द्वंद्व की सूक्ष्मता प्रदान की।

 (D) 'आकाशदीप', 'पुरस्कार' और 'गुंडा' उनकी महत्वपूर्ण कहानियाँ हैं।

 उत्तर: (B) (नोट: 'ग्राम' जैसी उनकी पहली कहानी यथार्थवादी भी है)


प्रश्न 7. 21वीं सदी की कहानियों के संदर्भ में विनोद शाही के अनुसार 'बड़ी कहानी' का आधार क्या है? (A) समाज के वंचित वर्गों का केवल सतही चित्रण।

 (B) युगबोध के किसी आख्यान की शक्ल ले सकने की संभावना।

 (C) कहानी में केवल यौन वर्जनाओं का चित्रण होना।

 (D) पुरानी परंपराओं का हूबहू पालन करना।

 उत्तर: (B)


प्रश्न 8. निम्नलिखित पात्रों को उनकी संबंधित कहानियों के साथ सुमेलित कीजिए: सूची-I (पात्र) सूची-II (कहानी)

(a) लहना सिंह (i) कफन 

 (b) घीसू-माधव (ii) उसने कहा था 

 (c) गजाधर बाबू (iii) चीफ की दावत

  (d) सामनाथ (iv) वापसी 

कूट: (A) a-ii, b-i, c-iv, d-iii

 (B) a-i, b-ii, c-iii, d-iv 

(C) a-iii, b-iv, c-i, d-ii

 (D) a-iv, b-iii, c-ii, d-i

 उत्तर: (A)

 (वापसी उषा प्रियंवदा की रचना है)


प्रश्न 9. 'नई कहानी' आंदोलन का मुख्य वैचारिक आधार क्या था? 

(A) आदर्शवाद और नैतिकता का प्रचार।

 (B) अनुभूति की प्रामाणिकता और जीवन की जटिल सच्चाई।

 (C) ग्रामीण जीवन का सुधारवादी चित्रण।

 (D) केवल उच्च वर्ग की समस्याओं का वर्णन।

 उत्तर: (B)


प्रश्न 10. फणीश्वरनाथ रेणु को किस प्रकार की कहानी धारा का अग्रणी माना जाता है?

 (A) नगरीय बोध की कहानी।

 (B) आंचलिक कहानी।

 (C) तिलिस्मी-ऐयारी कहानी।

 (D) अकहानी।

 उत्तर: (B)

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