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| दीपावली 2026: सुख-समृद्धि और प्रकाश का पावन महापर्व दीपोत्सव |
दीपावली 2026: लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त, तारीख और संपूर्ण पूजा विधि
दीपावली 2026 (Deepawali 2026)
दीपावली हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे। उनके आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था।
दीपावली के दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
1. दीपोत्सव 2026 की प्रमुख तारीखें
वर्ष 2026 में दीपावली के पाँच प्रमुख पर्वों की तारीखें इस प्रकार हैं:
- धनतेरस: 6 नवंबर 2026, शुक्रवार
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली): 7 नवंबर 2026, शनिवार
- महालक्ष्मी पूजन (दीपावली): 8 नवंबर 2026, रविवार
- गोवर्धन पूजा: 9 नवंबर 2026, सोमवार
- भाई दूज: 10 नवंबर 2026, मंगलवार
ध्यान दें: पर्वों की तिथियों और कुछ क्षेत्रीय परंपराओं में अंतर संभव है।
2. दीपावली 2026 में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
दीपावली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है। सामान्यतः सूर्यास्त के बाद का समय लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष महत्त्व रखता है। हालाँकि, पूजा का सटीक शुभ मुहूर्त प्रत्येक शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
दीपावली 2026 की प्रमुख जानकारी:
- दीपावली की तारीख: 8 नवंबर 2026, रविवार।
- अमावस्या तिथि: 8 नवंबर को प्रारंभ होकर 9 नवंबर को समाप्त होगी।
- लक्ष्मी पूजा का समय: शहर के अनुसार अलग-अलग होगा।
- पूजा का उपयुक्त समय: प्रदोष काल में, स्थानीय पंचांग के अनुसार निर्धारित लक्ष्मी पूजा मुहूर्त।
भारत के प्रमुख शहरों में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त
8 नवंबर 2026 के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार प्रमुख शहरों में लक्ष्मी पूजा का समय इस प्रकार है:
- दिल्ली: शाम 5:54 से 7:50 बजे तक।
- चंडीगढ़: शाम 5:52 से 7:46 बजे तक।
- जयपुर: शाम 6:03 से 7:59 बजे तक।
- मुंबई: शाम 6:27 से 8:27 बजे तक।
- कोलकाता: शाम 5:20 से 7:18 बजे तक।
- चेन्नई: शाम 6:07 से 8:09 बजे तक।
- बेंगलुरु: शाम 6:17 से 8:20 बजे तक।
- हैदराबाद: शाम 6:07 से 8:08 बजे तक।
स्रोत: द्रिक पंचांग। समय स्थानीय है और गणना के अनुसार इसमें मामूली अंतर संभव है।
महत्त्वपूर्ण सूचना: भारत के अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त और लग्न का समय अलग होने के कारण लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त भी बदलता है। इसलिए अपने शहर के अनुसार स्थानीय पंचांग में दिया गया मुहूर्त अवश्य देख लें।
3. दीपावली की पूजा विधि (Step-by-Step Puja Vidhi)
1. पूजा स्थल की तैयारी
सबसे पहले घर और पूजा स्थल को साफ करें। एक लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएँ। उस पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की मूर्तियाँ स्थापित करें।
2. कलश स्थापना
पूजा स्थल पर जल से भरा कलश रखें। कलश पर आम के पत्ते और नारियल स्थापित करें। इसके बाद पूजा का संकल्प लें।
3. भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा
सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें। इसके बाद माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की पूजा करें। देवताओं को रोली, चंदन, अक्षत, पुष्प और धूप-दीप अर्पित करें। माता लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
4. भोग अर्पित करें
भगवान गणेश को मोदक या लड्डू तथा माता लक्ष्मी को खील-बताशे, मिठाई, फल और मेवे अर्पित करें। भोग में अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सामग्री रखें।
5. दीप प्रज्वलन और आरती
पूजा के दौरान घी या तेल का दीपक जलाएँ। इसके बाद घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थल और अन्य उपयुक्त स्थानों पर दीपक सजाएँ। अंत में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की आरती करें तथा परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
इस प्रकार श्रद्धा और भक्तिभाव से दीपावली की पूजा संपन्न की जा सकती है।
दीपावली 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ
आप सभी को दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ! माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रकाश फैले।
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